Jhunjhunu News : झुंझुनूं JJT यूनिवर्सिटी में FDP: AI व शिक्षा पर मंथन
झुंझुनूं स्थित श्री जगदीशप्रसाद झाबरमल टीबड़ेवाला विश्वविद्यालय में चल रहे फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के चौथे दिन शैक्षणिक नवाचार और आधुनिक शिक्षा पर गहन चर्चा हुई।
कार्यक्रम का विषय था — “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण, परिणाम-आधारित शिक्षा एवं शैक्षणिक नवाचार के माध्यम से उच्च शिक्षा का रूपांतरण”।
NEP-2020 और परिणाम आधारित शिक्षा पर जोर
पहले सत्र में हरियाणा के फतेहाबाद से आईं डॉ. जनक रानी ने कहा:
“NEP-2020 का उद्देश्य रटने की बजाय ज्ञान, कौशल और व्यवहारिक समझ विकसित करना है।”
उन्होंने शिक्षकों को आउटकम-बेस्ड एजुकेशन अपनाने पर जोर दिया।
शिक्षक की बदलती भूमिका पर चर्चा
दूसरे सत्र में पुणे की प्रख्यात मनोविज्ञानिका अर्चना देशपांडे ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर कहा कि:
आज शिक्षक की भूमिका सिर्फ पढ़ाने तक सीमित नहीं है
अब शिक्षक मेंटोर और गाइड की भूमिका निभा रहे हैं
उन्होंने बताया कि यह बदलाव शिक्षा को रचनात्मक और व्यवहारिक बना रहा है।
शिक्षा में AI के उपयोग पर मार्गदर्शन
तीसरे सत्र में डॉ. आशीष नारायण ने AI के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि:
- शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का समावेश कैसे किया जाए
- नीति से लेकर व्यवहारिक क्रियान्वयन तक के चरण
- AI मॉडल निर्माण के प्रैक्टिकल पहलू
इनके मार्गदर्शन में हो रहा आयोजन
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. विनोद टीबड़ेवाला, कुलपति प्रो. मधु गुप्ता और कुल सचिव डॉ. अजीत कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है।
आयोजन में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन में:
- डॉ. धर्मेंद्र कौशिक (समन्वयक)
- डॉ. नाजिया हुसैन (FDP समन्वयक)
- डॉ. अनंता शांडिल्य (छात्र कल्याण अधिष्ठाता)
की अहम भूमिका रही।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कई संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।




