Video News : झुंझुनू गैस प्लांट पर ‘हवाई हमले’ की सूचना से मचा हड़कंप!
झुंझुनूं के बाकरा रोड स्थित रसोई गैस प्लांट पर शुक्रवार को अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब ‘हवाई हमले’ और आग लगने की सूचना मिली।
हालांकि, यह कोई वास्तविक घटना नहीं बल्कि प्रशासन द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल थी।
5 मिनट में मौके पर पहुंची टीमें
जैसे ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली, प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया।
अलग-अलग विभागों की टीमें सिर्फ 5 मिनट में मौके पर पहुंच गईं
समय के अनुसार:
- एम्बुलेंस व SDRF: 5:06 PM (सबसे पहले)
- पुलिस बल: 5:07 PM
- होमगार्ड व ट्रैफिक पुलिस: 5:09 PM
- कलेक्टर, एसपी, एडीएम: 5:11 PM
- फायर ब्रिगेड: 5:13 PM
- SHO कोतवाली: 5:14 PM
- सिविल डिफेंस: 5:19 PM
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान मौके पर:
- जिला कलेक्टर अरुण गर्ग
- एसपी कावेन्द्र सिंह सागर
- एडीएम अजय आर्य
मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।
युद्ध स्तर पर किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
ड्रिल में गैस प्लांट में आग लगने और घायलों की स्थिति बनाई गई।
SDRF और सिविल डिफेंस ने:
- मलबे से लोगों को निकालने का अभ्यास किया
- आग के बीच से सुरक्षित रेस्क्यू किया
फायर ब्रिगेड ने आधुनिक उपकरणों से आग बुझाने का प्रदर्शन किया।
घायलों को दिया गया प्राथमिक उपचार
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर:
- फर्स्ट एड दिया
- गंभीर घायलों (डमी मरीज) को एम्बुलेंस से हायर सेंटर भेजने का अभ्यास किया
कलेक्टर ने बताया क्यों जरूरी है ड्रिल
कलेक्टर अरुण गर्ग ने कहा:
“गैस प्लांट जिले का संवेदनशील क्षेत्र है। यहां किसी भी चूक से बड़ी जनहानि हो सकती है, इसलिए ऐसी ड्रिल जरूरी है।”
कमियों को सुधारने का मिला मौका
एएसपी देवेन्द्र सिंह राजावत ने बताया:
“इस अभ्यास से हमें अपनी तैयारियों को परखने और कमियों को सुधारने का अवसर मिला है।”





