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शैलेश लोढ़ा बोले: सृजन करने वालों की बनती है पहचान

शैलेश लोढ़ा बोले: सृजन करने वालों की बनती है पहचान

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कला, संगीत और संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
उदयपुर में सृजन द स्पार्क का ग्लोबल सम्मेलन

झुंझुनूं सहित देश-विदेश की 16 संस्थाओं की भागीदारी के साथ सृजन द स्पार्क का अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल सम्मेलन उदयपुर के लोटस काउंटी रिसोर्ट में संपन्न हुआ।

शैलेश लोढ़ा ने किया उद्घाटन

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध हास्य कवि एवं तारक मेहता फेम शैलेश लोढ़ा ने किया।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा,
“इतिहास में मूर्तियां सृजन करने वालों की लगती है, आलोचना करने वालों की नहीं।”

कला और संगीत के महत्व पर जोर

लोढ़ा ने कहा कि कला, संस्कृति और संगीत जीवन में अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि इससे मानसिक तनाव दूर होता है और व्यक्तित्व का विकास होता है।

उन्होंने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह उभरते कलाकारों को मंच देकर उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ा रही है।

नई प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच

संस्था के मुख्य संरक्षक आईपीएस प्रसन्न कुमार खमेसरा ने बताया कि संस्था सामाजिक सरोकारों के साथ-साथ कला क्षेत्र में भी सक्रिय है।

उन्होंने बताया कि उदयपुर में बन रही विश्व स्तरीय म्यूजिक अकादमी के माध्यम से नई पीढ़ी को आधुनिक संगीत और वाद्य यंत्रों की शिक्षा दी जाएगी।

देश-विदेश के प्रतिनिधियों की भागीदारी

सम्मेलन में यूएसए, यूके, कनाडा सहित कई देशों और भारत के विभिन्न शहरों से आए चैप्टर अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने भाग लिया।

झुंझुनूं से झुंझुनू डॉ. रामनिवास सोनी की सक्रिय भागीदारी रही।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

समापन सत्र में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में इंडियन आइडल फेम भव्या पंडित ने शानदार प्रस्तुति दी।

इसके अलावा संस्था के पदाधिकारियों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

संस्था की 13 वर्षों की यात्रा

सृजन द स्पार्क संस्था पिछले 13 वर्षों से कला, संस्कृति और संगीत के क्षेत्र में कार्य कर रही है और लगातार नए कलाकारों को मंच प्रदान कर रही है।

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