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चूरू में मिसाल: चलने में असमर्थ वृद्धा का घर जाकर पेंशन सत्यापन

चूरू में मिसाल: चलने में असमर्थ वृद्धा का घर जाकर पेंशन सत्यापन

चूरू, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में जिलेभर में आयोजित किए जा रहे ग्राम उत्थान शिविर वृद्धजनों, मजबूरों और वंचित वर्ग के लिए संजीवनी साबित हो रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक सीधे पहुंचाया जा रहा है।

चलने में असमर्थ वृद्धा को घर पर मिली सुविधा

शुक्रवार को बीदासर उपखंड के साण्डवा गिरदावर सर्किल में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर के दौरान मानवीय संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया।

गांव निवासी नेमीचंद माली ने शिविर में पहुंचकर अपनी पेंशन के सत्यापन हेतु आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने तुरंत सत्यापन किया।

80 वर्षीय बाली देवी नहीं आ सकती थीं पंचायत

नेमीचंद माली ने अधिकारियों को बताया कि उनकी पत्नी बाली देवी, जो लगभग 80 वर्ष की वृद्ध महिला हैं, उन्हें कमर और घुटनों में अत्यधिक दर्द रहता है। बीमारी के कारण वे चलने-फिरने में असमर्थ हैं और ग्राम पंचायत तक पेंशन सत्यापन के लिए नहीं आ सकतीं।

 घर पहुंचकर किया गया पेंशन सत्यापन

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिविर प्रभारी के निर्देशानुसार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्मिकों ने बाली देवी के घर पहुंचकर पेंशन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की।

यह कदम न केवल प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है, बल्कि शासन की जन-संवेदनशील नीति को भी उजागर करता है।

 परिवार ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

घर पर ही पेंशन सत्यापन हो जाने पर बाली देवी और नेमीचंद माली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया।

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