Jhunjhunu news

Jhunjhunu News : MLA काला ने विधानसभा में उठाई एमके साबू कॉलेज के अधिग्रहण की मांग

Jhunjhunu News : MLA काला ने विधानसभा में उठाई एमके साबू कॉलेज के अधिग्रहण की मांग

नियम-50 के तहत स्थगन प्रस्ताव, पिलानी में सरकारी कॉलेज की मांग तेज
चिड़ावा – मनीष शर्मा पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने राजस्थान विधानसभा में नियम-50 के तहत स्थगन प्रस्ताव रखते हुए पिलानी में सरकारी कॉलेज खोलने की मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि विधानसभा मुख्यालय होने के बावजूद पिलानी के 18 किलोमीटर दायरे में कोई सरकारी महाविद्यालय नहीं है।


एमके साबू कॉलेज के अधिग्रहण की मांग

विधायक ने पूर्व में संचालित एमके साबू कॉलेज के अधिग्रहण की मांग की।

उन्होंने कहा कि यह कॉलेज अनुदान से निर्मित भवन में संचालित था, लेकिन वर्तमान में बंद है।

यदि सरकार इसका अधिग्रहण कर इसे सरकारी कॉलेज के रूप में संचालित करती है तो हजारों विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है।


निजी कॉलेजों की फीस बनी बाधा

सदन में बोलते हुए काला ने कहा कि पिलानी क्षेत्र में करीब 45 उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जहां से हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए निकलते हैं।

सरकारी कॉलेज के अभाव में विद्यार्थियों को निजी संस्थानों में अधिक शुल्क देकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।

विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, किसान और मजदूर वर्ग के छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।


छात्राओं पर अतिरिक्त असर

दूरस्थ क्षेत्रों में कॉलेज न होने के कारण छात्राओं को अधिक सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

कई विद्यार्थियों को ऊंची फीस के कारण बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ती है।


भू-माफिया को बेचने का आरोप

काला ने सदन में आरोप लगाया कि कॉलेज मालिक द्वारा संस्थान को भू-माफियाओं को बेचने की मंशा जताई जा रही है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि विद्यार्थियों के हित में तत्काल कार्रवाई कर कॉलेज का अधिग्रहण किया जाए।


सरकार से शीघ्र निर्णय की अपील

विधायक ने कहा कि कॉलेज परिसर में भवन और जमीन पहले से उपलब्ध है, इसलिए सरकार को नया ढांचा खड़ा करने की जरूरत नहीं होगी।

उन्होंने सरकार से विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।


राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा

पिलानी में सरकारी कॉलेज की मांग अब शिक्षा से आगे बढ़कर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन चुकी है।

यदि सरकार सकारात्मक निर्णय लेती है तो यह क्षेत्र के युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा कदम साबित हो सकता है।

Source link

Leave a response —

Your email address will not be published. Required fields are marked *