सीकर, धोद के मांडोली गांव निवासी अग्निवीर हरित जाट को उत्तरकाशी में प्राकृतिक आपदा के दौरान ड्यूटी निभाते हुए सात माह पहले लापता होने के बाद सेना द्वारा अंतिम विदाई दी गई। उनके परिजनों को सेना के जवानों ने तिरंगा सूटकेस और प्रमाण पत्र सौंपे।
तिरंगा यात्रा और श्रद्धांजलि सभा
शुक्रवार को करीब 5 किलोमीटर लंबी नेछवा से मांडोली तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसके बाद गांव के मुख्य चौक में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान
- सांसद अमराराम,
- लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा,
- धोद विधायक गोवर्धन वर्मा,
- उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल,
- पूर्व विधायक पेमाराम,
- सेना और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
सेना की 14वीं राजपूताना राइफल के जवानों ने शहीद को सलामी दी और पुष्पचक्र अर्पित किया।
सम्मान और शहीद के नाम की मांग
धोद विधायक गोवर्धन वर्मा ने कहा कि अग्निवीर जवान हरित जाट की शहादत को नमन करते हैं और शहीद को मिलने वाली सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इस अवसर पर ग्रामीणों ने गांव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद हरित जाट के नाम पर रखने की मांग भी की।
दुख और वीरता
उत्तरकाशी त्रासदी में लापता हुए हरित जाट का शव लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद नहीं मिला। सेना ने नवंबर 2025 में उनकी अनुमानित मृत्यु घोषित की थी। शुक्रवार के इस कार्यक्रम ने परिजनों और गांववासियों को वीर जवान को अंतिम श्रद्धांजलि देने का अवसर प्रदान किया।
Leave a Reply