राजपूत समाज की अगुवाई में निकली शाही सवारी, कस्बे में लगा मेला
झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी कस्बे में शनिवार शाम गणगौर-ईसर की शाही सवारी धूमधाम के साथ निकाली गई।
सवारी का शुभारंभ नरेशपाल सिंह के निवास (राजपूतों की कोटड़ियों) से हुआ।
गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा
शाही सवारी पारंपरिक मार्गों से होकर निकली:
- गोपीनाथ मंदिर
- पोस्ट ऑफिस और बस स्टैंड
- पुरानी तहसील भवन
- पुलिस थाना, मैन बाजार, 5 बत्ती
अंत में सवारी पुनः प्रारंभ स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई।
राजपूत समाज की विशेष भूमिका
गणगौर की इस शाही सवारी में राजपूत समाज की विशेष भूमिका देखने को मिली।
लोग पारंपरिक वेशभूषा में:
- सिर पर साफा बांधकर
- हाथों में तलवार लेकर
राजा-महाराजाओं की तरह शोभायात्रा में शामिल हुए।
मेले में उमड़ी भीड़
सवारी के दौरान बस स्टैंड से 5 बत्ती तक मेला भी लगा।
मेले में:
- खिलौनों की दुकानें
- खान-पान के स्टॉल
लगे, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
सर्व समाज की रही भागीदारी
इस आयोजन में केवल एक समाज ही नहीं, बल्कि सर्व समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इससे कस्बे में आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक एकता की झलक देखने को मिली।
आयोजकों की भूमिका
आयोजक समिति के ज्ञानसिंह शेखावत ने बताया कि यह सवारी हर वर्ष परंपरागत तरीके से निकाली जाती है।
इस दौरान कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
परंपरा और शौर्य का संगम
गणगौर की शाही सवारी ने एक बार फिर राजस्थानी संस्कृति, परंपरा और शौर्य की विरासत को जीवंत कर दिया।
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