Sikar News : स्वच्छता सुधार के लिए अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
सीकर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।
इस कार्यशाला की अध्यक्षता राजस्थान के ब्राण्ड एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने की, जिसमें जिले के सभी नगरीय निकायों के अधिकारी शामिल हुए।
मॉनिटरिंग से ही आएगी गुणवत्ता: कलेक्टर
जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने कहा कि
“प्रभावी मॉनिटरिंग से ही स्वच्छता कार्यों में गुणवत्ता लाई जा सकती है।”
उन्होंने अधिकारियों को लगातार सुधार के लिए प्रेरित करते हुए आश्वासन दिया कि जिले में स्वच्छता कार्यों को बेहतर बनाया जाएगा।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पर जोर
कार्यशाला में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को स्वच्छता का आधार बताया गया।
निर्देश दिए गए कि:
- रोजाना 365 दिन कचरा संग्रहण हो
- सुबह 10 बजे से पहले हर घर से कचरा उठे
- गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित किया जाए
साफ-सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं पर फोकस
के.के. गुप्ता ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक शौचालयों को कांच की तरह साफ रखा जाए और दिन में कम से कम तीन बार सफाई हो।
इसके साथ ही:
- शौचालयों की जियो-टैगिंग
- बाग-बगीचों और श्मशान घाटों की नियमित सफाई
- निजी खाली प्लॉट्स की सफाई
पर भी विशेष जोर दिया गया।
प्लास्टिक मुक्त सीकर का लक्ष्य
कार्यशाला में प्लास्टिक मुक्त सीकर की परिकल्पना को साकार करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए।
गुप्ता ने कहा:
“सड़कों पर प्लास्टिक बिल्कुल नहीं दिखना चाहिए, यह गंदगी के साथ पशुओं के लिए भी खतरनाक है।”
जागरूकता और संसाधनों पर विशेष ध्यान
जन-जागरूकता के लिए:
- 25 हजार की आबादी पर 4 होर्डिंग
- 1 लाख की आबादी पर 8 होर्डिंग
लगाने के निर्देश दिए गए।
साथ ही प्रत्येक 400 घरों पर एक ऑटो टीपर की व्यवस्था और GPS आधारित कचरा वाहन संचालन पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को दी जिम्मेदारी
सभी नगर निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
कार्यशाला में नगर परिषद आयुक्त शशीकांत शर्मा, फतेहपुर की अभिलाषा सहित कई अधिकारी और स्वच्छता मिशन से जुड़े कार्मिक मौजूद रहे।




