केवट प्रसंग और भरत प्रेम की कथा ने श्रद्धालुओं को किया भावुक
चूरू के श्री ताल वाले बालाजी मंदिर में सर्व सनातन समाज द्वारा आयोजित रामकथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
व्यास पीठ पर विराजित संत सीताराम महाराज ने कथा के दौरान भगवान राम के वन गमन और वन जीवन के मार्मिक प्रसंग सुनाए।
केवट प्रसंग ने किया भावुक
संत ने केवट प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार केवट ने भगवान राम को नदी पार करवाई।
इस दौरान उन्होंने:
- कोल-किरातों के जीवन का वर्णन
- वन के कठिन परिस्थितियों का चित्रण
- भक्ति और सेवा का महत्व
समझाया, जिससे श्रद्धालु भावुक हो उठे।
भरत प्रेम का दिया संदेश
कथा में कैकेयी-मंथरा संवाद और भरत के प्रेम की हृदयस्पर्शी व्याख्या की गई।
संत सीताराम महाराज ने कहा,
“हर व्यक्ति को अपने परिवार के प्रति भरत जैसा निष्काम प्रेम रखना चाहिए।”
विभिन्न समाजों ने किया पूजन
कथा के छठे दिन मुख्य यजमान पंडित नवीन हरितवाल रहे।
इस अवसर पर खटीक समाज, जांगिड़ समाज, सैन समाज, सांसी समाज, विश्व हिन्दू परिषद सहित कई संगठनों ने व्यास पीठ का पूजन-अर्चन किया।
छात्रों का हुआ सम्मान
दसवीं कक्षा में उत्कृष्ट परिणाम लाने वाले गुड शेफर्ड पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राएं कथा स्थल पहुंचे।
- संत ने उन्हें दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया
- उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं
पूर्व मंत्री ने की मंगल आरती
कथा में पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा भी शामिल हुए।
उन्होंने व्यास पीठ पर मंगल आरती कर आशीर्वाद लिया, वहीं संत द्वारा उनका स्वागत किया गया।
सैकड़ों श्रद्धालु रहे मौजूद
कथा के दौरान मंदिर परिसर में सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस मौके पर विभिन्न समाजों के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे और भक्ति माहौल में सराबोर नजर आए।
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