छोटड़िया गांव की गौशाला में कथा के दौरान गौ सेवा और संस्कारों पर जोर
चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के छोटड़िया गांव स्थित श्रीकरणी गोरख गौशाला संस्थान में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
मंगलवार को कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
राजा परीक्षित और धुंधकारी प्रसंग का वर्णन
कथा वाचक भोले बाबा ने राजा परीक्षित और धुंधकारी के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहा,
“भागवत कथा सुनने का अवसर पुण्य से मिलता है, इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए।”
गौ सेवा पर दिया विशेष संदेश
संत ने वर्तमान समय में गायों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि
“कलियुग का प्रभाव है कि कुत्ते घरों में और गायें सड़कों पर हैं।”
उन्होंने कहा कि गायों में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है, इसलिए सभी को गौ सेवा करनी चाहिए।
सास-बहु संबंधों पर भी बोले संत
भोले बाबा ने पारिवारिक संबंधों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि
“सास को चाहिए कि बहू की आलोचना नहीं, बल्कि प्रशंसा करें, इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।”
व्यासपीठ पूजन और झांकियों का आयोजन
कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान विमला देवी व महावीरप्रसाद जोशी ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की।
कथा के दौरान सुखदेव मुनि की झांकी भी सजाई गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
रात्रि में नानी बाई का मायरा कथा
रात्रि में कथा पांडाल में नानी बाई का मायरा का आयोजन हुआ, जिसमें संत विद्यासागर महाराज ने भक्त नरसी के चरित्र पर प्रकाश डाला।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
कार्यक्रम में गोशाला समिति के अध्यक्ष सागरमल जोशी व सचिव गोपालदान चारण सहित क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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