राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित प्रकरणों का निस्तारण, करोड़ों रुपये के अवार्ड पारित
सीकर। राजस्थान दिवस समारोह के अवसर पर शनिवार को जिला स्तरीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर के तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर कुल 21 बैंचों का गठन किया गया, जिनमें सिविल, आपराधिक, पारिवारिक, चेक बाउंस, बैंक ऋण वसूली और राजस्व संबंधी प्रकरण रखे गए।
लंबित प्रकरणों का समाधान
सीकर न्यायक्षेत्र में राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 78,235 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिनमें 11 करोड़ 57 लाख 53 हजार 419 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। वहीं प्री-लिटिगेशन बैंच में 68,277 लंबित प्रकरणों में से 50,100 प्रकरणों को राजीनामे के माध्यम से निस्तारित किया गया, जिससे 8 करोड़ 47 लाख 9 हजार 818 रुपये के अवार्ड पारित हुए।
कार्यक्रम का संचालन और वरिष्ठ अधिकारी
कार्यक्रम का शुभारंभ राजेन्द्र कुमार, जिला एवं सेशन न्यायाधीश और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। साथ ही न्यायाधीशों में विनोद कुमार गिरी, विरेन्द्र कुमार मीणा, सत्यप्रकाश सोनी, विकास कुमार स्वामी, जयराम जाट, रीतिका चौहान, शिखा शर्मा और आस्था अग्रवाल ने विभिन्न बैंचों में प्रकरणों की सुनवाई की।
लोक अदालत का उद्देश्य
राजेन्द्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निस्तारण समय और धन की बचत करता है तथा विवादों का आपसी सौहार्दपूर्ण समाधान संभव बनाता है। उन्होंने अधिकाधिक मामलों को राजीनामे के माध्यम से निपटाने की अपील की।
प्री-लिटिगेशन और प्रो-बोनो प्रयास
प्री-लिटिगेशन बैंच में सचिव शालिनी गोयल और पैनल अधिवक्ता पुरुषोत्तम शर्मा ने बैंक और वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ समझाइश कर सैकड़ों प्रकरणों का समाधान करवाया।
सुलभ न्याय और आमजन की भागीदारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य है कि पीड़ित व्यक्तियों तक शीघ्र और सुलभ न्याय पहुंचे। इस अवसर पर अधिवक्तागण, बैंक, एवीवीएनएल, बीएसएनएल विभाग, पक्षकार और न्यायालय स्टाफ उपस्थित रहे।
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